
21 October 2024 | Daily Current Affairs in Hindi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी, उत्तर प्रदेश में विकास की कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया, जिससे स्थानीय निवासियों को अनेक सुविधाएँ मिलेंगी। वहीं, मध्य पूर्व संकट के बीच भारत शिपिंग बेड़े और कंटेनर निर्माण को बढ़ावा देने की योजना बना रहा है, ताकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में सुधार हो सके। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Navi Finserv और अन्य तीन गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों पर ऋण वितरण पर रोक लगा दी है, जिससे वित्तीय क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। तमिलनाडु के राज्यगीत को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच विवाद ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। श्रीनिवास को GeM के CEO का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, जिससे सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में सुधार की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट ने बाल विवाह निषेध कानून को निजी कानूनों पर प्रबल माना है, जो कि नाबालिगों के अधिकारों की रक्षा करेगा। मोहनजी को जोहान्सबर्ग में मानवतावादी पुरस्कार से नवाजा गया है, जो उनके मानवता के प्रति योगदान की सराहना है। संसद की एक समिति ‘नॉन-किनेटिक वॉरफेयर’ से निपटने की भारत की तैयारी पर चर्चा करेगी। भारत और जर्मनी श्रम गतिशीलता और कौशल मान्यता पर समझौता करने जा रहे हैं, जिससे कुशल श्रमिकों को काम के नए अवसर मिलेंगे। अंत में, प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में RJ शंकरा आई अस्पताल का उद्घाटन किया, जो नेत्र स्वास्थ्य सेवा में नई दिशा देगा।
Daily Current Affairs in Hindi (21 October 2024)

1. प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य वाराणसी के इंफ्रास्ट्रक्चर और लोक कल्याणकारी सुविधाओं में सुधार लाना है। इनमें नई सड़कें, जल आपूर्ति योजनाएँ, स्वास्थ्य सेवाएँ, और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कई योजनाएँ शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि ये परियोजनाएँ क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगी और इनसे रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। वाराणसी, जो कि प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र भी है, को इन विकास परियोजनाओं से व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही, उन्होंने वाराणसी के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को भी रेखांकित करते हुए कहा कि यह शहर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
2. मध्य पूर्व संकट के बीच भारत शिपिंग बेड़े और कंटेनर निर्माण को बढ़ाने की योजना बना रहा
मध्य पूर्व में मौजूदा संकट के चलते वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भारी दबाव बढ़ गया है, जिससे भारत भी अछूता नहीं है। ऐसे में, भारत सरकार शिपिंग बेड़े और कंटेनर निर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए कदम उठा रही है। भारतीय उद्योग को इस समय शिपिंग की कमी और बढ़ती लागत से जूझना पड़ रहा है, जिससे आयात-निर्यात व्यापार पर प्रभाव पड़ रहा है। सरकार अब योजना बना रही है कि घरेलू स्तर पर कंटेनर निर्माण को बढ़ावा दिया जाए, ताकि विदेशों पर निर्भरता कम हो सके। साथ ही, शिपिंग बेड़े का विस्तार करने के लिए नीतिगत सुधारों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इससे न केवल भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि वैश्विक बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।
3. RBI ने Navi Finserv और तीन अन्य NBFCs को ऋण वितरण पर रोक लगाई
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Navi Finserv सहित तीन अन्य गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) पर ऋण वितरण और स्वीकृति प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय इन कंपनियों द्वारा ऋण वितरण और वित्तीय नियमन के संदर्भ में हुई कुछ गड़बड़ियों के बाद लिया गया है। RBI का यह कदम इन संस्थानों में पारदर्शिता और ग्राहक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन कंपनियों को दिए गए निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इस फैसले से वित्तीय क्षेत्र में एक मजबूत संदेश गया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
4. राज्य गीत विवाद पर तमिलनाडु के राज्यपाल और मुख्यमंत्री में टकराव
तमिलनाडु में राज्य गीत को लेकर उपजा विवाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच मतभेद का कारण बन गया है। राज्य सरकार द्वारा राज्य गीत को अनिवार्य रूप से बजाए जाने का प्रस्ताव सामने आया था, जिसे राज्यपाल ने अस्वीकार कर दिया। यह मुद्दा तेजी से राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा मामला बताया है। राज्यपाल ने अपने अधिकार क्षेत्र का हवाला देते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार की आवश्यकता जताई है। इस घटनाक्रम ने तमिलनाडु की राजनीति में एक नए विवाद को जन्म दे दिया है, और जनता के बीच इस पर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
5. श्रीनिवास को GeM पोर्टल के CEO का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया
सार्वजनिक खरीद पोर्टल, GeM (Government e-Marketplace) के मौजूदा कार्यों के सुचारू संचालन के लिए श्रीनिवास को इसके CEO का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। सरकारी स्तर पर सामानों और सेवाओं की खरीद के लिए स्थापित GeM पोर्टल की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण हो गई है, विशेष रूप से डिजिटल इंडिया पहल के तहत। श्रीनिवास को यह जिम्मेदारी इसलिए सौंपी गई है ताकि इस पोर्टल के माध्यम से सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, दक्षता और समय की बचत सुनिश्चित की जा सके। इससे पहले श्रीनिवास कई सरकारी परियोजनाओं का नेतृत्व कर चुके हैं, जिससे उन्हें सार्वजनिक प्रबंधन का व्यापक अनुभव है।
6. SC ने कहा बाल विवाह निषेध कानून निजी कानूनों पर प्रबल होगा
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक ऐतिहासिक निर्णय में स्पष्ट किया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम (Prohibition of Child Marriage Act) निजी और धार्मिक कानूनों पर भी लागू होगा। यह फैसला विभिन्न धर्मों के निजी कानूनों में बाल विवाह की अनुमति देने वाले प्रावधानों के संदर्भ में लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि किसी भी निजी या धार्मिक कानून के आधार पर बाल विवाह को कानूनी मान्यता नहीं दी जा सकती। इस निर्णय से भारत में बाल विवाह की सामाजिक समस्या से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यह कानून नाबालिगों के हितों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करेगा।
7. मोहनजी को जोहान्सबर्ग में 2024 में मानवतावादी पुरस्कार से नवाजा गया
मोहनजी, जो आध्यात्मिक और मानवतावादी कार्यों के लिए जाने जाते हैं, को 2024 के कॉन्शियस कंपनीज अवार्ड्स में जोहान्सबर्ग में मानवतावादी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मोहनजी ने वर्षों से समाज के विभिन्न तबकों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, और पर्यावरण संरक्षण शामिल हैं। उनका यह सम्मान उन प्रयासों का प्रतिफल है जो उन्होंने विश्वभर में शांति और करुणा को बढ़ावा देने के लिए किए हैं। इस पुरस्कार से न केवल मोहनजी के योगदान की वैश्विक स्तर पर सराहना हुई है, बल्कि उनके कार्यों को प्रेरणा के रूप में भी देखा जा रहा है।
8. संसदीय समिति ‘नॉन-किनेटिक वॉरफेयर’ से निपटने की भारत की तैयारी पर विचार करेगी
भारत की सुरक्षा चुनौतियों के नए आयामों में से एक ‘नॉन-किनेटिक वॉरफेयर’ पर अब संसद की एक विशेष समिति विचार करेगी। ‘नॉन-किनेटिक वॉरफेयर’ का तात्पर्य साइबर युद्ध, सूचना युद्ध, और अन्य ऐसी गतिविधियों से है, जो पारंपरिक हथियारों के बिना देश की सुरक्षा को प्रभावित करती हैं। यह समिति भारत की मौजूदा तैयारियों का आकलन करेगी और आवश्यक नीतिगत सुधारों की सिफारिश करेगी। इस पर विचार-विमर्श इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भविष्य में युद्ध की प्रकृति बदल रही है, और भारत को साइबर और डिजिटल खतरों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।
9. भारत और जर्मनी श्रम गतिशीलता और कौशल मान्यता पर समझौते के लिए तैयार
भारत और जर्मनी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य श्रम गतिशीलता और कौशल मान्यता को बढ़ावा देना है। इस समझौते के तहत, भारतीय कुशल श्रमिकों के लिए जर्मनी में काम करने के अवसर बढ़ेंगे, और उनके कौशल को मान्यता देने की प्रक्रिया आसान होगी। भारत में कौशल विकास के बढ़ते प्रयासों के साथ यह समझौता भारतीय कामगारों के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है। साथ ही, यह दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करेगा और दोनों देशों के श्रम बाजारों में बेहतर तालमेल स्थापित करेगा।
10. प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में RJ शंकरा आई अस्पताल का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में RJ शंकरा आई अस्पताल का उद्घाटन किया। यह अस्पताल उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के साथ नेत्र उपचार में विशेष सेवाएँ प्रदान करेगा। यह अस्पताल नेत्र रोगों के उपचार और सर्जरी में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करेगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन के दौरान कहा कि यह अस्पताल केवल चिकित्सा सेवाओं का केंद्र नहीं होगा, बल्कि समाज सेवा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी बनेगा, जो गरीब और वंचित वर्गों को मुफ्त या किफायती इलाज प्रदान करेगा। इसके अलावा, इस अस्पताल के जरिए क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत नेटवर्क स्थापित होगा, जिससे आसपास के जिलों के लोग भी लाभान्वित होंगे। यह परियोजना प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो स्वास्थ्य सेवाओं तक सभी की समान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। अस्पताल के उद्घाटन के साथ ही वाराणसी और आस-पास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। यह अस्पताल विशेष रूप से आँखों के रोगों के उपचार और जाँच में अग्रणी भूमिका निभाएगा, जिससे नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सेवाओं में सुधार आएगा।
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