
16 January 2025 | Daily Current Affairs in Hindi: पिक्सल और दिगंतरा ने हाल ही में एक सैटेलाइट लॉन्च किया, जो कृषि और रक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगा। इस सैटेलाइट की मदद से किसानों को बेहतर तकनीकी जानकारी मिलेगी और रक्षा क्षेत्र की सुरक्षा में भी सुधार होगा। केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड की शुरुआत की, जिससे हल्दी उत्पादन को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी। श्री पल्ली गंगा रेडी को बोर्ड का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। NATO ने बाल्टिक सागर क्षेत्र में अंडरसी केबल्स की सुरक्षा के लिए Baltic Sentry मिशन शुरू किया, जो साइबर हमलों से बचाव में महत्वपूर्ण कदम है। आईसीसी ने जसप्रीत बुमराह को दिसंबर 2024 के लिए पुरुष प्लेयर ऑफ द मंथ घोषित किया, उनके शानदार प्रदर्शन को सराहा गया है। C-DOT और IIT दिल्ली ने 6G के लिए THz सिस्टम विकास पर समझौता किया, जिससे भारत का 6G विजन मजबूत होगा। पहला खो-खो विश्व कप नई दिल्ली में शुरू हुआ, जिसमें 20 देशों की टीमें भाग ले रही हैं। ज़ोरान मिलानोविच ने क्रोएशिया के राष्ट्रपति के रूप में दूसरा कार्यकाल सुनिश्चित किया, और प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई में नौसेना को समर्पित तीन युद्धपोत INS सूरत, INS नीलगिरी और INS वाग्शीर को प्रस्तुत किया। गृह मंत्रालय ने CISF के लिए दो नई बटालियन बनाने की मंजूरी दी, जिससे सुरक्षा क्षमता बढ़ेगी। अंत में, 10वां अजंता वेरुल फिल्म महोत्सव महाराष्ट्र में शुरू हुआ, जिसमें साई परांजपे को लाइफटाइम अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
Daily Current Affairs in Hindi (16 January 2025)

1. पिक्सल और दिगंतरा ने सैटेलाइट लॉन्च कर रचा इतिहास, कृषि और रक्षा में आएगा बड़ा बदलाव।
भारत की निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की कंपनियां नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। पिक्सल, जो पहले ही अत्याधुनिक हाइपर-स्पेक्ट्रल तकनीक से लैस सैटेलाइट्स का समूह बनाकर चर्चा में है, ने अपने सैटेलाइट्स को स्पेसएक्स रॉकेट के माध्यम से सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इन सैटेलाइट्स की मदद से पृथ्वी का 150 से अधिक बैंड्स में अध्ययन किया जा सकेगा। इसका उपयोग कृषि, रक्षा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा में सुधार होगा। दूसरी ओर, दिगंतरा एयरोस्पेस ने विश्व का पहला वाणिज्यिक उपग्रह – स्पेस कैमरा फॉर ऑब्जेक्ट ट्रैकिंग (SCOT) लॉन्च किया। यह सैटेलाइट पृथ्वी की कक्षा में मात्र 5 सेंटीमीटर के छोटे-छोटे वस्तुओं पर भी नजर रखेगा। इससे अंतरिक्ष में संचालन और मिशनों की सुरक्षा में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। इन दोनों कंपनियों की सफलता ने भारत को वैश्विक अंतरिक्ष मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित कर दिया है। यह पहल न केवल तकनीकी विकास का प्रतीक है, बल्कि भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है।
2. नेशनल स्टार्टअप डे 2025: इनोवेशन, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का उत्सव।
नेशनल स्टार्टअप डे हर साल 16 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन स्टार्टअप्स द्वारा उद्यमिता, नवाचार, प्रौद्योगिकी, आत्मनिर्भरता और सहयोग में दिए गए योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। 2022 में, 16 जनवरी को नेशनल स्टार्टअप डे के रूप में घोषित किया गया था। भारत में वर्तमान में 1.6 लाख सरकारी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं, जो देश को विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाते हैं। इन स्टार्टअप्स ने देशभर में 16 लाख से अधिक नौकरियां सृजित की हैं। स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत, स्टार्टअप्स को वाणिज्य मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के साथ पंजीकरण कराना होता है ताकि उन्हें विभिन्न लाभ मिल सकें। इन लाभों में श्रम कानूनों और पर्यावरण कानूनों के लिए स्व-प्रमाणीकरण, पेटेंट फाइलिंग में छूट, सेक्शन 80IAC के तहत कर छूट, एंजल टैक्स से छूट आदि शामिल हैं। भारत में वर्तमान में 110 से अधिक यूनिकॉर्न हैं। 13 जनवरी 2025 तक, 4,000 से अधिक स्टार्टअप्स को स्टार्टअप इंडिया के फंड ऑफ फंड्स कार्यक्रम के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।
3. बाल्टिक सागर क्षेत्र में अंडरसी केबल्स की सुरक्षा के लिए NATO ने Baltic Sentry मिशन शुरू किया।
NATO ने बाल्टिक सागर क्षेत्र में अंडरसी केबल्स की सुरक्षा के लिए एक नया मिशन शुरू किया है। इसे “Baltic Sentry” नाम दिया गया है और यह हाल ही में इस क्षेत्र में हुई घटनाओं के बाद उठाया गया कदम है, जो रूसी गतिविधियों की आशंका बढ़ाते हैं। हेलसिंकी में बाल्टिक सागर के NATO देशों के नेताओं के साथ बैठक के दौरान, NATO महासचिव मार्क रुटे ने इस मिशन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि विश्व का 95% इंटरनेट ट्रैफिक अंडरसी केबल्स के माध्यम से सुरक्षित होता है। रुटे ने यह भी जानकारी दी कि 13 लाख किलोमीटर (8.08 लाख मील) लंबे इन केबल्स के जरिए प्रतिदिन अनुमानित $10 ट्रिलियन का वित्तीय लेन-देन होता है। इस मिशन में फ्रिगेट्स और समुद्री गश्ती विमान शामिल होंगे, जो बाल्टिक क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाएंगे। इसके अलावा, एक छोटा बेड़ा, जिसमें नौसेना ड्रोन शामिल हैं, तैनात किया जाएगा। ये ड्रोन निगरानी और निवारण को मजबूत करेंगे। मिशन का उद्देश्य उन पुरानी टैंकरों के बेड़े पर भी ध्यान केंद्रित करना है, जो अनिश्चित स्वामित्व और सुरक्षा प्रथाओं के साथ रूसी तेल राजस्व को बढ़ाने के लिए प्रतिबंधों को दरकिनार कर रहे हैं।
4. आईसीसी ने जसप्रीत बुमराह को दिसंबर 2024 के लिए पुरुष प्लेयर ऑफ द मंथ घोषित किया।
14 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को दिसंबर 2024 के लिए पुरुष प्लेयर ऑफ द मंथ के रूप में सम्मानित किया। यह पुरस्कार उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की टेस्ट सीरीज़ में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए दिया गया। बुमराह ने तीन टेस्ट मैचों में 22 विकेट चटकाए, जिसमें उनका औसत 14.22 रहा। यह आंकड़ा उनकी गेंदबाजी की उत्कृष्टता और विपक्षी टीमों के खिलाफ उनके प्रभाव को दर्शाता है। बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया की पिचों पर भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करते हुए दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों को चकमा दिया और अपनी टीम को सफलता दिलाई। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-2025 में प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब भी दिया गया। इस महीने के अन्य नामांकित खिलाड़ियों में ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस और दक्षिण अफ्रीका के डैन पैटरसन शामिल थे, लेकिन बुमराह ने बाज़ी मार ली। महिलाओं की श्रेणी में, ऑस्ट्रेलिया की ऑलराउंडर अन्नाबेल सutherland को दिसंबर 2024 की प्लेयर ऑफ द मंथ का खिताब दिया गया। बुमराह की यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है।
5. 6G के लिए THz सिस्टम विकास पर C-DOT और IIT दिल्ली का समझौता, भारत 6G विजन को मिलेगा बढ़ावा।
C-DOT और IIT दिल्ली ने “6G के लिए THz कम्युनिकेशन फ्रंट एंड्स के बिल्डिंग ब्लॉक्स” के विकास हेतु एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता दूरसंचार विभाग की “टेलीकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड (TTDF)” के 6G प्रस्ताव के तहत हुआ है। इस पहल का उद्देश्य भारत के 6G विजन को साकार करना और उन्नत अनुसंधान को गति देना है। यह परियोजना उन बुनियादी उपकरणों और घटकों के विकास पर केंद्रित है, जो THz प्रणाली के लिए आवश्यक हैं और भविष्य की 6G संचार तकनीकों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस प्रयास से THz घटकों के उत्पादन स्तर पर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। C-DOT इस परियोजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी संभाल रहा है। इस समझौते से भारत में 6G इको-सिस्टम के निर्माण की प्रक्रिया तेज होगी और देश को उन्नत दूरसंचार तकनीकों में वैश्विक अग्रणी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।
6. पहला खो-खो विश्व कप नई दिल्ली में शुरू, 20 देशों की टीमें कर रहीं भागीदारी
पहले खो-खो विश्व कप का उद्घाटन नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में हुआ। इस भव्य आयोजन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी.टी. उषा और खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने विश्व कप की औपचारिक मशाल प्रज्वलित की। खो-खो विश्व कप 2025 में 20 देशों की टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिसमें पुरुषों की 20 और महिलाओं की 19 टीमें शामिल हैं। भारतीय टीमों के 15 सदस्यीय पुरुष और महिला वर्ग के दल खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा चुने गए हैं। पुरुष टीम की कप्तानी प्रतीक वैकर कर रहे हैं, जबकि महिला टीम का नेतृत्व प्रियंका इंगले करेंगी। टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल 17 जनवरी को खेले जाएंगे, सेमीफाइनल 18 जनवरी को, और फाइनल मुकाबले 19 जनवरी को होंगे। भारतीय पुरुष और महिला टीमें ग्रुप ए में रखी गई हैं। इस टूर्नामेंट से भारत का पारंपरिक खेल खो-खो वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार है।
7. ज़ोरान मिलानोविच ने पुनःचुनाव जीतकर क्रोएशिया के राष्ट्रपति के रूप में दूसरा कार्यकाल सुनिश्चित किया।
क्रोएशिया के राष्ट्रपति ज़ोरान मिलानोविच ने एक बार फिर राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी के उम्मीदवार ड्रागन प्रिमोराक को रनऑफ़ वोट में हराया। इस चुनाव में मिलानोविच को 74% से अधिक वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी प्रिमोराक केवल 26% वोट ही प्राप्त कर सके। ज़ोरान मिलानोविच यूरोपीय संघ और नाटो के आलोचक माने जाते हैं। उन्होंने पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन को रूस के साथ युद्ध में दी जा रही सैन्य सहायता का भी विरोध किया है। क्रोएशिया, मध्य और दक्षिण-पूर्व यूरोप में स्थित है और एड्रियाटिक सागर के किनारे बसा हुआ है। देश की राजधानी ज़ाग्रेब है, जो उत्तर-पश्चिम में स्लोवेनिया, उत्तर-पूर्व में हंगरी और पूर्व में सर्बिया से घिरा हुआ है। राष्ट्रपति मिलानोविच के पुनः चुने जाने को यूरोपीय राजनीति में महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है, क्योंकि उनकी नीति और विचारधारा यूरोपीय संघ और पश्चिमी शक्तियों की मुख्य धारा से भिन्न हैं। इस चुनाव में उनकी बड़ी जीत ने न केवल घरेलू राजनीति में बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है।
8. मुंबई में पीएम मोदी ने नौसेना को समर्पित किए तीन युद्धपोत: INS सूरत, INS नीलगिरी और INS वाग्शीर।
15 जनवरी को मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय नौसेना के लिए तीन महत्वपूर्ण युद्धपोत समर्पित किए। पहली बार, भारतीय नौसेना में एक साथ तीन जहाजों का शामिल होना देश की रक्षा शक्ति के लिए एक बड़ा कदम है। पीएम मोदी ने INS सूरत, INS नीलगिरी और पनडुब्बी INS वाग्शीर को नौसेना में शामिल करते हुए इसे “नौसैनिक क्षमताओं के लिए एक ऐतिहासिक दिन” बताया। INS सूरत, प्रोजेक्ट-15बी या विशाखापत्तनम-क्लास का हिस्सा है, जिसे नई पीढ़ी के गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जहाजों के निर्माण के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्रोजेक्ट-15ए के कोलकाता-क्लास जहाजों का उन्नत संस्करण है, जिसमें डिजाइन, स्वचालन और हथियार प्रणाली में बड़े सुधार किए गए हैं। INS नीलगिरी, प्रोजेक्ट-17ए के तहत निर्मित एक स्टेल्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट है, जिसमें शिवालिक-क्लास से बेहतर स्टेल्थ और अत्याधुनिक तकनीक है। INS वाग्शीर, स्कॉर्पीन-क्लास की छठी पनडुब्बी है, जिसे कलवरी-क्लास प्रोजेक्ट-75 के तहत बनाया गया है। यह दुनिया की सबसे खामोश और बहुपयोगी डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों में से एक है, जो सतह और पनडुब्बी युद्ध, खुफिया जुटाने, निगरानी और विशेष अभियानों में सक्षम है।
9. गृह मंत्रालय ने CISF के लिए 2 नई बटालियन बनाने की मंजूरी दी, सुरक्षा क्षमता बढ़ेगी।
गृह मंत्रालय (MHA) ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की सुरक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए दो नई बटालियन के गठन की मंजूरी दी है। इस विस्तार का उद्देश्य बढ़ती सुरक्षा मांगों को पूरा करना और देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे तथा प्रमुख प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाना है। इस फैसले से CISF की कुल बटालियन संख्या 13 से बढ़कर 15 हो जाएगी। प्रत्येक नई बटालियन में 1,025 कर्मी होंगे और इनका नेतृत्व वरिष्ठ कमांडेंट रैंक के अधिकारी करेंगे। हाल ही में स्वीकृत महिला बटालियन भी इस विस्तार का हिस्सा है। इसके साथ ही, CISF की कुल जनशक्ति लगभग दो लाख कर्मियों तक पहुंच जाएगी। CISF की स्थापना 10 मार्च 1969 को संसद के अधिनियम के तहत हुई थी और यह गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है और वर्तमान महानिदेशक राजविंदर सिंह भट्टी हैं। CISF का मुख्य कार्य देश के परमाणु संयंत्रों, अंतरिक्ष केंद्रों, हवाई अड्डों, समुद्री बंदरगाहों और पावर प्लांट्स जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करना है। इसका आदर्श वाक्य “संरक्षा और सुरक्षा” है।
10. 10वां अजंता वेरुल फिल्म महोत्सव महाराष्ट्र में शुरू, साई परांजपे को लाइफटाइम अवॉर्ड।
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में 10वां अजंता वेरुल अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का शुभारंभ हुआ। यह महोत्सव वैश्विक सिनेमा का उत्सव मनाने और फिल्म प्रेमियों को मंच प्रदान करने के लिए जाना जाता है। सूचना और प्रसारण सचिव, संजय जाजू ने इस महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रसिद्ध भारतीय फिल्म निर्देशक पद्म भूषण साई परांजपे को पद्मपाणि लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया। यह सम्मान साई परांजपे को भारतीय सिनेमा में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया। महोत्सव की शुरुआत में प्रशंसित फ्रेंच-तमिल भाषा की फिल्म “लिटिल जाफना” की स्क्रीनिंग हुई, जो दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र रही। इस महोत्सव ने सिनेमा की विविधता और गहराई को उजागर करने के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया है।
11. केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड की शुरुआत की, श्री पल्ली गंगा रेडी बने पहले अध्यक्ष।
केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड की शुरुआत की, जिससे देशभर में हल्दी उत्पादकों के लिए नई उम्मीदें पैदा होंगी। इस बोर्ड के पहले अध्यक्ष श्री पल्ली गंगा रेडी बने हैं, और इसका मुख्यालय नजमाबाद में स्थापित किया गया है। हल्दी को ‘गोल्डन स्पाइस’ के नाम से भी जाना जाता है और यह भारत के 20 राज्यों में उगाई जाती है, जिनमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश आदि प्रमुख हैं। इस बोर्ड का गठन हल्दी उत्पादकों की आय बढ़ाने में सहायक साबित होगा। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य हल्दी उत्पादों के लिए अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना है, ताकि नए हल्दी उत्पादों को बाजार में लाया जा सके। इसके अलावा, यह बोर्ड हल्दी से संबंधित उत्पादों को विदेशों में विपणन करने में मदद करेगा। 2023-24 में भारत में 3.05 लाख हेक्टेयर भूमि पर हल्दी की खेती की गई थी। भारत 10.74 लाख टन हल्दी का उत्पादन कर दुनिया का 70% हल्दी उत्पादन करता है। भारत दुनिया में हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक है।
Leave a Reply