Daily Current Affairs in Hindi | 24 October 2024

24 October 2024 | Daily Current Affairs in Hindi: भारत और पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर समझौते को पांच साल तक बढ़ा दिया है, जिससे सिख समुदाय को लाभ होगा। ब्रिक्स देशों ने 2024 के अंत तक स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात कर रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। भारत और सिंगापुर ने सैन्य उपकरणों के संयुक्त विकास और उत्पादन के लिए सहयोग पर चर्चा की है। भारत ने अपनी नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए चौथी परमाणु पनडुब्बी को शामिल किया है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा एंटीबायोटिक के दुरुपयोग को पहचानने से भारत को स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और जागरूकता लाने का मौका मिला है। इज़राइल एशियन डेवलपमेंट बैंक का 69वां सदस्य देश बन गया है, जो उसकी एशियाई आर्थिक साझेदारी को बढ़ाएगा। आरबीआई ने अवैध फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफार्मों की सूची को अपडेट कर लोगों को सचेत किया है। मालदीव ने UPI पेमेंट सेवा को लागू कर अपनी अर्थव्यवस्था को डिजिटल दिशा में मजबूत किया है। रूस के कज़ान शहर में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय तातारस्तान क्षेत्र की अहमियत को दर्शाता है।

Daily Current Affairs in Hindi (24 October 2024)

Current Affairs in Hindi
Daily Current Affairs in Hindi | 24 October 2024

1. भारत-पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर समझौते को पांच साल के लिए बढ़ाया  

भारत और पाकिस्तान ने ऐतिहासिक करतारपुर कॉरिडोर समझौते को पांच साल के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह कॉरिडोर सिख समुदाय के लिए अत्यधिक धार्मिक महत्व रखता है, क्योंकि यह उन्हें बिना वीजा के पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब तक पहुंचने की अनुमति देता है। करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत 2019 में हुई थी, और तब से यह दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के एक प्रतीक के रूप में उभर कर आया है। समझौते का विस्तार न केवल सिख तीर्थयात्रियों के लिए, बल्कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में भी सुधार के प्रयासों का एक संकेत माना जा रहा है। इस फैसले को दोनों देशों के बीच शांति और समन्वय को प्रोत्साहित करने के रूप में देखा जा रहा है, खासकर सीमा पार धार्मिक यात्राओं के मामले में। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और इससे जुड़े कई आर्थिक लाभ भी सामने आएंगे।

2. 2024 के अंत तक ब्रिक्स ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की  

ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) ने 2024 के अंत तक स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल करने की घोषणा की है। इन पांच प्रमुख उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं ने जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के लिए स्वच्छ ऊर्जा समाधानों में निवेश को प्राथमिकता दी है। इस प्रयास का उद्देश्य न केवल पर्यावरण को सुरक्षित करना है, बल्कि आर्थिक स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देना भी है। ब्रिक्स के देशों ने सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, और अन्य नवीकरणीय स्रोतों के विकास को तेज करने की योजना बनाई है, जिससे ऊर्जा उत्पादन में पारंपरिक कोयला और तेल आधारित साधनों पर निर्भरता कम हो सके। यह कदम वैश्विक स्तर पर ब्रिक्स को एक नेतृत्वकारी भूमिका में स्थापित कर रहा है, जिससे वे पर्यावरणीय स्थिरता और ऊर्जा की नई परिभाषा में अग्रणी बन रहे हैं।

3. मोदी ने पुतिन से मुलाकात की, संघर्ष समाप्त करने के लिए हर संभव मदद का प्रस्ताव रखा  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और यूक्रेन संकट सहित क्षेत्रीय विवादों के समाधान के लिए भारत की ओर से हरसंभव मदद का प्रस्ताव दिया। यह बैठक वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और संघर्षों के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मोदी ने इस दौरान शांति प्रक्रिया और बातचीत के माध्यम से विवादों को हल करने पर जोर दिया। भारत, जो यूक्रेन युद्ध में तटस्थ रुख बनाए हुए है, अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति और स्थिरता के लिए एक प्रमुख भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग, रक्षा साझेदारी और वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा की। भारत और रूस के बीच मजबूत ऐतिहासिक संबंधों को देखते हुए, यह मुलाकात वैश्विक राजनीति और क्षेत्रीय स्थिरता के संदर्भ में काफी अहम मानी जा रही है।

4. भारत-सिंगापुर मिलकर सशस्त्र बलों के उपकरणों के विकास और उत्पादन की संभावनाएं तलाशेंगे  

भारत और सिंगापुर ने सशस्त्र बलों के लिए उपकरणों के संयुक्त विकास और उत्पादन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए सहमति जताई है। यह पहल दोनों देशों के रक्षा संबंधों को मजबूत करने के साथ ही, स्वदेशी रक्षा उत्पादन में भारत की क्षमता को और बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सिंगापुर और भारत के बीच मजबूत रक्षा साझेदारी का एक लंबा इतिहास है, और यह नई पहल रक्षा तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत कर सकती है। इस सहयोग से दोनों देशों को तकनीकी लाभ मिलेगा, जिससे सशस्त्र बलों की क्षमता में वृद्धि होगी। संयुक्त रूप से विकसित किए गए उपकरण न केवल दोनों देशों के लिए उपयोगी होंगे, बल्कि उन्हें वैश्विक रक्षा बाजार में भी प्रमुख स्थान दिला सकते हैं।

5. भारत ने चौथी परमाणु पनडुब्बी के साथ नौसेना को और मजबूत किया  

भारत ने अपनी नौसेना की ताकत को और बढ़ाने के लिए चौथी परमाणु पनडुब्बी का शुभारंभ किया है, जिससे देश की समुद्री सुरक्षा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह पनडुब्बी अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और भारत की सामरिक क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगी। परमाणु पनडुब्बी को भारतीय समुद्री सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में संभावित खतरों से निपटने के लिए एक प्रमुख उपकरण माना जा रहा है। भारत की परमाणु पनडुब्बी परियोजना की यह नई उपलब्धि इसे वैश्विक स्तर पर एक मजबूत सैन्य शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और कदम है। यह भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की नीति को भी मजबूती प्रदान करता है।

6. एंटीबायोटिक दुरुपयोग पर संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी भारत के लिए अवसर प्रदान करती है  

संयुक्त राष्ट्र द्वारा एंटीबायोटिक दुरुपयोग की मान्यता भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। यह समस्या दुनिया भर में बढ़ रही है, जिससे दवाओं के प्रति रोगाणुओं की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ रही है, जिसे एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) कहा जाता है। भारत, जो एंटीबायोटिक दवाओं के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है, इस चुनौती से निपटने के लिए ठोस कदम उठा सकता है। एएमआर से निपटने के लिए नीतियों को लागू करना, चिकित्सकीय दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना और जनता को जागरूक करना बेहद जरूरी है। भारत इस अवसर का उपयोग एंटीबायोटिक अनुसंधान में निवेश को बढ़ावा देने, घरेलू और वैश्विक स्तर पर चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने और स्वस्थ स्वास्थ्य प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए कर सकता है। इसके साथ ही, भारत में स्वास्थ्य नीति निर्माताओं के लिए यह एक अवसर है कि वे इस मुद्दे पर वैश्विक नेतृत्व स्थापित करें, जिससे न केवल अपने देश की जनता का स्वास्थ्य सुरक्षित हो, बल्कि एएमआर से निपटने के वैश्विक प्रयासों में भी योगदान दे सकें।

7. इज़राइल एशियाई विकास बैंक (ADB) का 69वां सदस्य देश बना  

इज़राइल ने एशियाई विकास बैंक (ADB) में 69वें सदस्य देश के रूप में शामिल होकर एक महत्वपूर्ण आर्थिक और राजनीतिक कदम उठाया है। एडीबी, जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों की आर्थिक विकास और गरीबी उन्मूलन के लिए वित्तीय सहायता और निवेश प्रदान करता है, इज़राइल के लिए नए अवसर और सहयोग के रास्ते खोल रहा है। इस कदम से इज़राइल को एशियाई देशों के साथ अपने आर्थिक और निवेश संबंधों को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, इज़राइल की उन्नत तकनीक और इनोवेशन क्षमताएं एडीबी के विभिन्न परियोजनाओं में लाभकारी साबित हो सकती हैं। इस सदस्यता से एडीबी को भी उन क्षेत्रों में नई प्रौद्योगिकियों और समाधान उपलब्ध कराए जा सकते हैं, जहां विकास और सुधार की आवश्यकता है। इज़राइल के शामिल होने से एडीबी को वैश्विक स्तर पर और भी मजबूती मिलेगी, जिससे एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विकास प्रयासों में तेजी आएगी।

8. RBI ने अनधिकृत फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफार्मों की अलर्ट सूची को अपडेट किया  

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में अनधिकृत फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफार्मों की अलर्ट सूची को अपडेट किया है, जिससे जनता को इन अवैध प्लेटफार्मों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया जा रहा है। अनधिकृत फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफार्मों के माध्यम से लोगों को त्वरित लाभ का लालच देकर धोखाधड़ी के शिकार बनाने की घटनाएं बढ़ी हैं। RBI ने इन प्लेटफार्मों के खिलाफ कार्रवाई करने और निवेशकों को सुरक्षित रखने के लिए इस सूची को नियमित रूप से अपडेट करने का फैसला लिया है। इन अवैध प्लेटफार्मों से न केवल वित्तीय नुकसान हो सकता है, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था को भी अस्थिर कर सकते हैं। RBI का यह कदम वित्तीय स्थिरता और निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निवेशकों को इन प्लेटफार्मों से दूर रहने और केवल अधिकृत संस्थानों के माध्यम से फॉरेक्स ट्रेडिंग करने की सलाह दी गई है।

9. मालदीव के राष्ट्रपति ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए UPI भुगतान सेवा शुरू की  

मालदीव के राष्ट्रपति ने अपनी अर्थव्यवस्था को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) भुगतान सेवा शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य मालदीव में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना और व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाना है। भारत में UPI प्रणाली बेहद सफल रही है, और इसका विस्तार मालदीव जैसे देश में, जहां पर्यटन प्रमुख आर्थिक स्रोत है, वहां के व्यापारिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। UPI की शुरुआत से स्थानीय व्यवसायों और विदेशी पर्यटकों के लिए लेन-देन में आसानी होगी, जिससे अर्थव्यवस्था में नई संभावनाएं खुलेंगी। इस कदम से मालदीव को डिजिटल परिवर्तन के दौर में अन्य देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, भारत-मालदीव के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत किया जा सकेगा, जिससे दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों में प्रगति होगी।

10. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी: तातारस्तान के कज़ान का रूस में महत्व क्यों है?  

रूस के तातारस्तान में स्थित कज़ान शहर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी के लिए चुना गया है, जो न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। कज़ान, रूस की विविध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक है, जो इसे ब्रिक्स देशों के लिए एक आदर्श मंच बनाता है। कज़ान को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी के लिए चुने जाने का विशेष महत्व है, क्योंकि यह शहर रूस की बहुसांस्कृतिक और बहुजातीय पहचान को दर्शाता है। तातारस्तान की राजधानी कज़ान, रूस में मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है, और इसकी भूमिका रूस की संघीय राजनीति में विशेष स्थान रखती है। व्लादिमीर पुतिन की सरकार के लिए यह शहर क्षेत्रीय एकता और विविधता के प्रतीक के रूप में काम करता है, जो रूस के अंदर और बाहर स्थिरता का संदेश देता है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन कज़ान में करना, पुतिन की अंतरराष्ट्रीय नीति का एक हिस्सा है, जिसके तहत वह रूसी संघ के विभिन्न क्षेत्रों को वैश्विक मंच पर पेश करना चाहते हैं। इसके अलावा, कज़ान का चयन ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को भी प्रोत्साहित करेगा। तातारस्तान की औद्योगिक क्षमताएं और कज़ान का बुनियादी ढांचा इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए उपयुक्त हैं, जो इसे रूस के लिए वैश्विक कूटनीति और शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बनाता है। यह सम्मेलन कज़ान को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम होगा।

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